प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 48 हजार रूपये धोखे से निकाले, बिना छत के रह गया गरीब का मकान

गाजियाबाद। भोले भाले लोगों से फोन पर एटीएम का पिन नंबर लेकर रूपये निकालने वाले गिरोह का सक्रियता जिले में कम नहीं आ रही है जबकि पुलिस एफआईआर दर्ज करके अपने काम की इतिश्री कर लेती है। मिर्जापुर गांव निवासी  अल्लामेहर के पुत्र अहसान के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। जर्जर मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत अहसान के जीरो बैलेंस खाते से 48 हजार 398 रूपये की धनराशि उडा ली। जिसके चलते उसके मकान की छत बीच में  ही रूक गई। इस संबंध में ऐहसान ने विजय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई
है। इससे पहले वह एसडीएम से मिला था जिसके बाद एसडीएम ने विजय नगर थाने  की पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे।  पीड़ित अल्लामहर ने बताया कि वह मिर्जापुर में मकान संख्या 233 में परिवार के साथ रहता है। प्रताप विहार सेक्टर 12 स्थित  पंजाब एंड सिंध बैंक में
जनजन धन योजना के अंतगर्त उसका जीरो बैलेंस का खाता  है। जिसका केंद्र सरकार की गरीबों के कच्चे व कमजोर जर्जर मकानों का पक्क बनाने के लिए  उन्होंने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान पक्का करने के लिए पहली किस्त 50 हजार रूपये, दूसरे किस्त में डेढ लाख रूपये उनके जीरो बैलेंस खाते में ट्रांसफर  किए थे। अभी तक उनके खाते में दो लाख रूपये आ  चुके हैं जबकि 50 हजार  रूपये और आने है। इस संबंध में जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में ऐहसान ने बताया है कि 6 फरवरी को उनकी पुत्रवधु के फोन 7044314390 से काल आई जिसमें काल करने  वाले ने कहा कि तुम्हारे बैंक का खाता बंद हो चुका है। यदि आप उसका एटीएम का कोर्ड बता दें तो आपका खाता चालू हो जाएगा। उसकी पुत्र वधु ने बता दिया जिसके बाद उसनके खाते से 48 हजार 398 रूपये निकाल लिए। इसके बाद भी इस फोन से चार बार फोन आए। उसने कहा है कि बैंक में वह पैसे निकालने गए थे तो बैंक वालों ने एक साथ दस हजार रूपये से ज्यादा निकालने की अनुमति  नहीं दी थी। जबकि फ्राड करने वालों को बैंक वालो ने 48 हजार 398 रूपये कैसे निकालने की अनुमति दे दी। ऐसान ने  बताया कि ये रूपये निकाले जाने के बाद वह मकान पर छत नहीं डाल पा रहा है जबकि उसकी पचास हजार की एक किश्त
और आनी है। यह किश्त छत डालने के बाद ही आएगी। इस स्थिति में उसके सामने संकट खड़ा हो गया है। उसने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे बैंक खाते से निकाले गए रूपये वापिस दिलाने की मांग की है।

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