किसान अधिवेशन में पीएम ने अन्नदाताओं को दिया बडा तोहफा, कांग्रेस पर बोला हमला…

– कई परियोजनाओं का किया शिलान्यास व लोकार्पण
गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के अन्नदाता को आज बड़ा तोहफा दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की कमभूमि गोरखपुर में किसानों को बड़ा तोहफा देने के साथ विभिन्न विकास योजना का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
फर्टिलाइजर मैदान में मंच से पीएम मोदी भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन के खुले सत्र में किसानों को बधाई भी दी। किसानों को सम्मान निधि देने का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया है। अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने इसकी घोषणा की थी। गोरखपुर में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने एक करोड एक लाख छह हजार आठ सौ अस्सी किसानों के खाते में सम्मान निधि की पहली किस्त के रूप में 2000 रुपये डिजिटली हस्तांतरित किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन साधारण नहीं।
देश की आजादी के बाद किसानों से जुडी सबसे बड़ी योजना आज शुरू हो रही है। गोरखपुर के लोगों को आज इस एतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए विशेष बधाई। गोरखपुर की धरती पर हो रहे इस कार्यक्रम से देश के दो लाख कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए लाखों किसान भी जुड़ रहे हैं। यहां पर आज स्वास्थ्य, सड़क, रेल व रोजगार सहित हर क्षेत्र की योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत पर करोडों किसानों को बधाई दी। दूध के व्यवासाय, मत्स्य पालन से जुडे भाइयों -बहनों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जुडने के लिए बधाई देते हुए कहाकि पहले की सरकारों ने योजानाएं तो बहुत बनाईं लेकिन उनकी नीयत किसानों का भला करने की नहीं थी। इसलिए वह कभी सही निर्णय नहीं ले सके। किसान पूर्णतः सशक्त हो, हम इसके लिए प्रयासरत हैं। हम किसान को हर वह साधन-संसाधन देंगे, ताकि 2022 तक उनकी आय दुगनी हो सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि आज उत्तर प्रदेश की धरती से देश के करोडों किसानों के चरणों में अर्पित करता हूं।
देश के 21 राज्यों के किसान इसमें शामिल हैं। इन किसानों के खाते में 2000 रुपये स्थानांतरित हो चुके हैं। 1रू01 करोड किसानों को अभी रुपये मिल चुके हैं, शेष को भी जल्द ही 2000 रुपये मिल जाएंगे। अभी तो यह शुरुआत है। हर वर्ष 75 हजार करोड रुपये सीधा किसानों के खाते में पहुंचने वाले हें। देश के 12 करोड ऐसे किसान जिनके पास पांच एकड या उससे कम भूमि है, इस योजना का सीधा लाभ पाएंगे। अब दवा, बीज, खाद , बिजल का बिल भरने के लिए परेशान नहीं होना होगा। केंद्र सरकार जो छह हजार रुपये सीधे आपके बैाक खाते में स्थानांतरिक करेगी, उससे आप अपनी जरूरत के सारे काम कर सकते है। आज उसी कडी की पहली किस्त 2000 रुपये दिए जा रहे  हैं। जिन्हें आज पहली किस्त नहीं मिली है, उन्हें कुछ सप्ताह में यह राशि मिल जाएगी।
विपक्षी मुख्यमंत्रियों को पीएम ने घेरा
पीएम मोदी ने कहा कि देश के 12 करोड़ किसानों को किसान योजना का सीधा लाभ मिलेगा। अब किसानों को बीज, खाद और दवा खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार सीधे आपके खाते में छह हजार रुपये ट्रांसफर करेगी। इसी के तहत दो हजार रुपये की पहली किस्त किसानों के खाते में जमा की गई है। जिन किसानों को पहली किस्त की राशि नहीं मिली है उन्हें कुछ ही समय में मिल जाएगी। इसके लिए राज्य सरकारों को कुछ नहीं करना है बस इमानदारी से किसानों की सही सूची बनानी है। हमारे पास जैसे ही सूची आएगी, हम पैसा ट्रांसफर कर देंगे।
उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारों ने इसके लिए पहल कर दी है। कुछ अभी भी राज्य सरकारें हैं जो इसके लिए पहल नहीं कर रही हैं। मैं कहना चाहता हूं कि अगर आपने किसानों की सूची नहीं बनाई तो किसानों की बद-दुआएं आपकी राजनीति को तहस-नहस कर देंगी। आपका विरोधाभास हमारी पार्टी और हमारे साथ हो सकता है लेकिन किसानों के साथ क्यों। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अफवाह फैलाई है कि मोदी अभी तो छह हजार रुपये दे देगा और एक साल बाद फिर वापस ले लेगा, लेकिन मैं आप सभी को कहता हूं कि यह पैसा आपका है और इसे मोदी तो क्या कोई भी आपसे वापस नहीं ले सकता।
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किसानों के बहाने कांग्रेस पर साधा निशाना
मोदी ने गोरखपुर में जय जवान, जय किसान के नारे के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जय जवान और जय किसान के नारे को जमीन पर उतारने का काम आज हुआ है। उसी मंत्र को इतने साल बाद किसान के घर तक, किसान के खेत तक, किसान की जेब तक पहुंचाने का काम हो रहा है। पहले की सरकारों ने किसानों की बातें बहुत की और कागज पर योजनाएं भी बनाईं, लेकिन उनकी मंशा किसान का भला करने की नहीं थी। उनकी मंशा किसानों को परेशान करने की थी।
उन्होंने किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया। हमने किसानों छोटी-छोटी दिक्कतों पर ध्यान दिया और उन्हें दूर करने का प्रयास किया। हमारा प्रयास है कि किसानों को वो सारी सुविधाएं दी जाएं जिससे वो 2022 तक अपनी आय दोगुनी कर सके। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को सीधे मदद
पहुंचाने के लिए किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के चरणों में अर्पित करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि किसान निधि योजना लागू होने पर हमारे विरोधी लोगों, महामिलावटी लोगों का चेहरा लटक गया। उन्हें लगा सारे किसान मोदी-मोदी करने लगेंगे। सो अब इन लोगों ने झूठ बोलना तथा अफवाहें फैलाना शुरू कर दिया है। किसान इसे समझें। लोग अफवाह फैले रहे हैं कि मोदी ने अभी 2000 दिया है, फिर 2000 देगा लेकिन साल भर के बाद वापस ले लेगा। किसान भाइयों रुपये आप के है। इसे कोई नही ले सकता। किसान हितैषी सरकारें ही ऐसा फैसला ले सकती हैं। नामुमकिन को मुमकिन कर सकती हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड की राशि बढ़ाई
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्ष में सरकार ने दो चरणों में 17 करोड़ से ज्यादा सॉयल हेल्थ कार्ड दिया है। यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग का फैसला लेकर हमने खाद का दुरुपयोग रोका है। अच्छे बीज के लिए हमने रिसर्च को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि पहले किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसान एक लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी ले सकते थे। अब इसे बढ़ा दिया गया है, और 1.60 लाख हो गया है। जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है उन्हें दो लाख रुपये तक वाला किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
नाम सूची में न मिले तो करें शिकायत
पीएम मोदी ने कहा कि किसान निधि के लाभान्वित योजना के सभी आंकड़े वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अगर आपका नाम इस सूची में नाम नहीं है तो अपने ब्लॉक या जिला प्रशासन में इसकी शिकायत या सूचना दे सकते हैं। पहले की सरकारें जिन कामों को नामुमकिन समझती थीं, आज हम वो काम मुमकिन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेती होने वाले खर्च को कम करने के क्षेत्र में हमने काम किया है। रबी और खरीफ की 22 फसलों का मुल्य 1.5 गुणा बढ़ाया गया है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि एमएसपी पर अगर उन्होंने फैसला लिया होता तो आज देश का किसान बर्बाद न होता। वो लोग फाइल दबाकर बैठे रहे और किसान परेशान होता रहा। पीएम ने बताया कि सिचाई योजना पर एक लाख करोड़ खर्च किया जा रहा है।
ऐसा इस कारण हो रहा है क्योंकि 30-40 साल से लटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। हमने 99 परियोजनाओं का चयन किया था जिसमें 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। सिचाई परियोजनाओं की जगह कर्ज माफी करना बहुत आसान काम था लेकिन ऐसा करने पर कांग्रेस के चेले-चपाटों का फायदा होता और करोड़ों किसान इससे अछूते रह जाते। उन्होंने कहा कि नए भारत में जितना पैसा केंद्र सरकार किसान को भेजती है उतना पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचता है।
एक समय था जब केंद्र से एक रुपया भेजा जाता था और किसानों तक सिर्फ15 पैसा पहुंचता था। किसान सम्मान निधि योजना को फूलप्रूफ बनाया गया है। इसमें बिचैलिए के लिए कोई जगह नहीं है। अगर आपके पास आधार नंबर नहीं है फिर भी अपना पंजिकरण करा सकते हैं। यह पंजिकरण नंबर ही इसके लिए काफी होगा। इसके लिए सबसे आवश्यक बैंक खाता होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मैं किसी बिचैलिए के हाथ में एक पैसा जाने नहीं दूंगा।
पीएम ने कहा- ममता भी बनाएं किसानों की सूची
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केरल, बेंगलुरु, पुत्तुर, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के किसानों से बात की। इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल की सरकार भी जल्द से जल्द किसनों की सूची बनाए जिससे वहां के किसानों को भी किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल सके।
पूर्वांचल के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते साढे चार सालो में मोदी सरकार ने विकास के नए आयाम तय किए। योजनाओं के लाभार्थियों का चयन वेज्ञानिक ढंग से किया जा रहा हे। किसी भी जाति, धर्म के हों, भेदभाव नहीं हो रहा। यही कारण कि देश-दुनिया के सर्वे बताते हैं कि भारत भीषण गरीबी से बाहर आ रहा सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काम करने का तरीका नेताओं को पीएम नरेंद्र मोदी से सीखना होगा। इन्होंने जो कहा वह करके दिखाया है। देश में 55 वर्ष की सरकार के कार्यकाल पर पीएम मोदी का 55 महीने का कार्यकाल भारी है। उन्होंने कहा कि काम कैसे होना चाहिए यह कोई मोदी सरकार से सीखे।
मोदी सरकार ने हर तबके लिए कुछ न कुछ दिया है। आयुष्मान योजना की धूम गांव-गांव मची है। यूपी के छह करोड लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री को पूर्वी उत्तर प्रदेश से लगाव है इसलिए काशी को अपना संसदीय क्षेत्र चुना और काशी को जो नई पहचान दी है इसके लिए हम सभी आपके आभारी हैं। किसान के हित के लिए सुगरकैन को ऐथेनॉल में बदलने की स्वीकृति दी गई है, जिससे किसानों के हितों का ध्यान रखा जाए। कभी 42 चीने मिले यहां काम करती थीं लेकिन समाजवादी पार्टी और बसपा ने यहां सब तबाह कर दिया और एक बार फिर से ये दोनों नापाक गठबंधन बनाकर बर्बाद करने की तैयारी कर रहे हैं।
10 जून 1990 को यहां का खाद कारखाना बंद हो गया था। जिन लोगों ने 55 वर्ष तक शासन किया उन्होंने कभी भी किसानों के बारे में नहीं सोचा। जुलाई 2016 में इस खाद कारखाने को फिर से शुरू करने की कवायत शुरू हुई और 2020 में यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। पहले गोरखपुर से हवाई कनेक्टविटी नहीं थी लेकिन आज गोरखपुर से 3 हवाई जहाज दिल्ली के लिए उड़ान भर रहे हैं। आज 6 एयरपोर्ट यूपी में उड़ान योजना के तहत हैं बाकी पर युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। आपने जो भी कहा वो किया आपने यहां एम्स लगाने की बात कही थी और आज यहां एम्स बन रहा है। आजादी के बाद से यहां की जनता को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जो मांग थी उसे आपने आते ही पूरा कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से प्रदेश के 2 करोड़ 14 लाख किसान लाभान्वित होने वाले हैं और इस योजना की शुरुआत के लिए आज प्रधानमंत्री ने गोरखपुर की धरती को चुना है। हम सबको पता है कि हमारे प्रधानमंत्री जहां भी जाते है वहां कुछ देने के लिए जाते हैं।
पीएम मोदी की वजह से है आज हम सभी का सिर पूरी दुनिया में गौरव के साथ उठता है। उन्होंने 2016 में एम्स की आधारशिलाा रखी आज लोकार्पण हो गया। यह होती है प्रतिबद्धता। यहां के जिस बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का हमेशा से घोर अभाव था, वहां मोदी सरकार ने आठ नई सुपरस्पेशियलिटी दिए। 13 करेाड गैस कनेक्शन दिए इनमें साढे छह करोड निश्शुल्क कनेक्शन हैं। उज्ज्वला योजना लोगों के विश्वास का प्रतीक है। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा-पीएम मोदी ने गरीब-किसान को दिलाया हक
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के किसान तथा मजदूरों के सपनों को पूरा कर रहे हैं। अब इनके पास रहने के लिए अपने घर, घर में गैस कनेक्शन तड्ढथा बिजली है। इससे पहले तो किसानों के लिए सिर्फ बातें होती थीं।
किसानों को मिली सम्मान निधि की पहली किस्त 
किसानों को सम्मान निधि देने का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया है। अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने इसकी घोषणा की थी। गोरखपुर में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने एक करोड एक लाख छह हजार आठ सौ अस्सी किसानों के खाते में सम्मान निधि की पहली किस्त के रूप में 2000 रुपये डिजिटली हस्तांतरित किए। इनमें कुछ 2 हजार 21 करोड रुपये की राशि व्यय हुई है। पहला सम्मान पत्र उन्होंने प्रदेश के किसान कमलेश को प्रदान किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उस एम्स का भी लोकार्पण किया, जिसका शिलान्यास उन्होंने इसी मैदान पर दो साल पहले किया था। गोरखपुर एम्स में आयुष विभाग की ओपीडी रविवार से शुरू हो गई। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन के खुले सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान सम्मान रैली को संबोधित करते हुए वादे के मुताबिक किसान सम्मान निधि की पहली किस्त जारी की। सत्यापित हो चुके कुल 8.70 करोड में से करीब 2.14 करोड को यह रकम रविवार को ही मिल जाएगी, जबकि बाकी बचे किसानों को अगले कुछ दिनों में इसका फायदा मिलेगा। जनसभा में मोदी ने 900 करोड़ रुपये की अन्य योजनाओं का लोकार्पण करने के साथ ही आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।
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इनका हुआ लोकार्पण (राशि करोड़ में)
– अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर रू 1100
– पिपराइच चीनी मिल रू 410 करोड़
 – मुंडेरवा चीनी मिल रू 386.73
– मेडिकल कालेज में सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग रू 69.87
 – मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का महिला छात्रावास रू 11.85
  – मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का पीजी छात्रावास रू 10.77
– गोरखपुर में 200 बंदियों की क्षमता वाले बैरक का निर्माण रू 7.68
 – गोरखनाथ मंदिर में लाइट एंड साउंड शो रू 6.50
इनकी रखी आधारशिला
– गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे रू 4816
– गोरखपुर-कांडला एलपीजी पाइप लाइन रू 3100 करोड़
– मोहद्दीपुर-जंगल कौडिया फोरलेन निर्माण रू 288.30
– रेलवे के एसी इलेक्ट्रिक लोकोशेड का निर्माण रू 66
 – रेलवे के वाल्मीकिनगर खंड का विद्युतीकरण रू 123
– गोरखनाथ मंदिर परिसर का विकास कार्य रू 12.88
– गोरखनाथ मंदिर में संग्रहालय की स्थापनारू 9.37
– मानसरोवर ताल एवं रामलीला मैदान का जीर्णोद्धार।

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