पाक के बालाकोट एयर स्ट्राइक की ये है ऐसी फोटोज, जिसे देखकर आपभी हो जायेंगे हैरान

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जवाबी कार्रवाई करते हुए एयर स्ट्राइक किया था. जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इस बीच करीब 300 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी, लेकिन मारे गए आतंकियों का कोई सबूत सामने नहीं आया था.  इस मामले में एक अमेरिकी एक्टिविस्ट ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है, ये वीडियो एयर स्ट्राइक पर भारत सरकार के दावों की पुष्टि करता है

इस बीच बताते चले पाक के बालाकोट में आतंकी जैश के ट्रेनिंग कैंप पर भारतीय वायुसेना के हवाई हमले की फोटोज एक निजी चैनल की नजर में आया है. यह मोनोक्रोम हाईरिजोल्यूशन फोटो है. यह आतंकियों के उस हॉस्टल की तस्वीरे है  जिस पर हमले का जिम्मा भारतीय वायुसेना को मिला था.

सूत्रों के अनुसार 

26 फरवरी को किए गए  हमले की प्रकाशित सभी तस्वीरों में से यह फोटो सबसे अधिक स्पष्ट है.  तस्वीर में दिखाई दे रहे घर की छत ढलान वाली है जैसी कि आम तौर पर पहाड़ी इलाकों में होती है. इसमें से एक ढलान वाली छत पर तीन निशान साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं जिन्हें ‘होल्स’ कहा जा रहा है. इस तरह के प्रत्येक छेद का व्यास एक मीटर है. सेटेलाइट इमेज के प्रिंटआउट में यह साफ तौर पर दर्शाया गया है. यह विवरण डोजियर में शामिल किया गया है, जिसे कि मीडिया  ने बालाकोट हमले का असर बताया है.

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आतंकी जैश के लंबे-चौड़े इलाके के उत्तरी हिस्से में स्थित है जिसकी चौड़ाई 40 फीट है. इसका विवरण ‘गूगल अर्थ प्रो’ में अंकित है. इसकी लंबाई करीब 35 फीट प्रतीत होती है.

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हॉस्टल के एक हिस्से की सैटेलाइट इमेज भारतीय वायुसेना के हमले के छह दिन बाद 4 मार्च को रॉयटर्स ने जारी की. रॉयटर्स द्वारा सौंपी गई सैटेलाइट इमेज में स्पष्ट रूप से मिट्टी का एक धब्बा देखा जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि हॉस्टल के अलावा, दो अन्य इमारतों को भी निशाना बनाया गया. ‘एक (बम) प्रशिक्षकों और सीनियर हॉस्टल के लिए, और एक (बम) गेस्ट हाउस के लिए.”

यह दोनों इमारतें मैदान के दक्षिण में स्थित हैं और पेड़ों की आड़ में हैं. जारी की गईं एयर स्ट्राइक के पहले और स्ट्राइक के बाद में जारी कि गए फोटोग्राफों में यह स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती हैं. हालांकि, वायु सेना का कहना है कि उनके पास सैटेलाइट फोटो हैं जो स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि इन इमारतों पर हमला किया गया है.

सैटेलाइट इमेजरी विशेषज्ञों जानिए क्या कहा था  पहले की रिपोर्टों  में …

बालाकोट कैंप में सबसे बड़ी संरचना में बम के हमले के निशान दिखाई दे रहे थे. इस संरचना को “हॉल” बताया गया था. अब यह स्पष्ट नहीं है कि हॉल पर हमला किसी अन्य हथियार से किया गया था या दिखाया गया नुकसान 3 स्पाइस 2000 बम के विस्फोट का परिणाम है.

सभी मामलों में इस्तेमाल की गई वैपन एक इजरायली-डिज़ाइन किया गया स्मार्ट मुनीशन है, जिसे स्पाइस 2000 कहा जाता है. यह एक लंबी दूरी का ग्लाइड बम का हमला था जिसमें टारगेट के लिए सैटेलाइट से गाइडेंस लिया जाता है.

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