लोकसभा चुनाव : सुल्तानपुर सीट पर प्रियंका की छाप, बना कांग्रेस का ये प्लान…

सुल्तानपुर । सब समय-समय की बात है, और एक कहावत भी है कि कभी नाव गाड़ी पर तो कभी गाड़ी नाव पर। 2019 के लोकसभा चुनाव में यही सुल्तानपुर लोकसभा से डॉ संजय सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया है। पिछले चार दशक में संजय सिंह कभी कांग्रेस के सामने रहे तो कभी कांग्रेस के साथ रहे। प्रियंका गाँधी को मिली पूर्वी क्षेत्र की कमान से सुल्तानपुर की सीट कितना प्रभावित हो पाएगी, यह तो वक्त ही बताएगा, मगर इसकी छाप अभी से ही दिखने लगी है |

अमेठी के राज घराने की बात करे तो 1980 के दशक में डॉ संजय सिंह, गांधी परिवार के बेहद करीबी थे। पार्टी में उन्हें उचित स्थान न मिलने के कारण वह 1988 के दशक में जनता दल में शामिल हो गए। एक दशक बाद 1998 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो उसके टिकट पर अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस के विरुद्ध चुनाव लड़े, जिसमें उन्होंने 205025 वोट से जीत भी हासिल की और कांग्रेस की करारी हार हुई। उस समय अमेठी से कांग्रेस के कैप्टन सतीश शर्मा 181755 वोट पाकर दूसरे स्थान पर थे ।

सन 1999 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट से डॉ संजय सिंह ने कांग्रेस की सोनिया गांधी से आमना-सामना हुआ, इस चुनाव में सोनिया गांधी 418960 वोट से विजयी हुईं। संजय सिंह 118948 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। डॉ संजय सिंह इसके बाद फिर 2003 में कांग्रेस में शामिल हो गए। 2009 के चुनाव में सुल्तानपुर लोकसभा सीट से 304011 वोट से जीत अपने नाम किया।

बहुजन समाज पार्टी के मोहम्मद ताहिर खान 201632 वोट से दूसरे स्थान पर रहे। समाजवादी पार्टी के अशोक पांडे को 160895 वोट पाकर तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। 2014 के लोकसभा चुनाव को देखा जाए तो इस चुनाव में बीजेपी ने वर्तमान सांसद वरुण गांधी को मैदान में उतारा था। बीएसपी से पवन पाण्डेय और एसपी से शकील अहमद मैदान में थे। कांग्रेस ने अपने मौजूदा प्रत्याशी डा. संजय सिंह की पत्नी एवं पूर्व मंत्री अमिता सिंह को टिकट दिया था। चुनाव रुझान की बात करें तो जहां वरुण गांधी को 4 लाख 10 हजार 348 वोट मिले थे, वहीँ दूसरे स्थान पर रहे पवन पाण्डेय को 2 लाख 31 हजार 446 वोट मिले और शकील अहमद को 2 लाख 28 हजार 144 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी अमिता सिंह को महज 41 हजार 983 वोट ही मिले, जबकि स्वयं वर्तमान में कांग्रेस प्रत्याशी डा. संजय सिंह ने प्रचार की कमान संभाल रखा था।

यह वक्त भाजपा की आंधी के बाद का है और इस समय डॉ संजय सिंह राज्यसभा सदस्य हैं । कांग्रेस ने इन पर सुल्तानपुर की सीट दाँव पर लगाई है। पार्टी के प्रचार में इस बार प्रियंका गांधी को विशेष तौर पर लगाया गया है। इसके पहले प्रियंका सिर्फ सोनिया और राहुल के लिये ही प्रचार करती थी। पहला मौका है जब पूरी तरह से पूर्वी क्षेत्र की कमान दी गयी है। इनके प्रभाव से सुल्तानपुर की सीट कितना प्रभावित हो पाएगी, यह तो वक्त ही बताएगा।

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