VIDEO : जब मंच पर ही फूट-फूट कर रोने लगे पूर्व विधायक, जानिए क्या थी वजह

मंच पर बोलने का नहीं मिला मौका तो फूट-फूटकर रोने लगे पूर्व विधायक

लोक सभा चुनाव का आगाज़ हो चुका है| एक दौर का मतदान भी हो गया है| इस चुनाव में सियासी घमासान के बीच नेताओं की तरफ से आपत्तिजनक बयानबाजी भी तेज हो गई है. चुनाव के मद्देनजर पार्टियों का चुनावी अभियान जारी है| अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी दिग्गज उम्मीदवार अपने संसदीय क्षेत्रों का दिन-रात दौरा कर रहे हैं और अच्छा  माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हैं| लोकसभा चुनाव-2019 के तहत दिल्ली से सटे हरिणाया की सभी 10 सीटों पर आगामी 12 मई को मतदान होना है, लेकिन चुनाव प्रचार में अभी से तेजी आ चुकी है।

इस बीच बताते चले हरियाणा के पलवल में एक भाजपा  नेता को मंच पर बोलने का मौका नहीं मिला तो वो फूट-फूटकर बुरी तरह रोने लगे| रोचक बात है कि उस दौरान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे। पर भाजपा नेता आंसुओं पर काबू न कर सके। बताया गया कि रैली में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया, जिसकी वजह से वह नाराज होकर रोने लगे। दरअसल, पलवल के औरंगाबाद गांव में सीएम मनोहर लाल ने विजय संकल्प रैली की थी|   सीएम मनोहर लाल के आने के पहले कई नेताओं ने मंच संचालन किया| इस बीच सीएम मनोहर लाल जैसे ही मंच पर पहुंचे तो प्रोटोकॉल के हिसाब से रैली को संबोधित करने लगे|

मंच पर बोलने का नहीं मिला मौका तो फूट-फूटकर रोने लगे पूर्व विधायक

 ‘मीडिया सूत्रों ’ के मुताबिक

यह मामला सूबे में आयोजित भाजपा की विजय संकल्प रैली के दौरान का है। रविवार को वहां के औरंगाबाद गांव में मंच पर तब ढेर सारे पार्टी नेता मौजूद थे। उन्हीं में से एक थे- पूर्व विधायक राम रत्तन। उन्हें मंच पर सबके सामने बोलने का मौका नहीं दिया गया, तो वह फूट-फूट कर रोने लगे।

आलम यह था कि गले में भाजपाई थीम वाले स्टोल से वह आंसू पोंछ रहे थे। फिर भी उनकी हालत पर किसी ने खासा ध्यान न दिया। घटना से जुड़े वायरल वीडियो में उनके आसपास बैठे लोग तो मुस्कुराते नजर आए, पर किसी ने उनसे रोने के पीछे की वजह पूछना जरूरी न समझा।

इस बाबत एक वीडियो भी वायरल हो रहा है

जिसमें होडल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व में विधायक रहे राम रतन काफी देर तक रोते नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर मंच से लोगों को संबोधित किया जाता है। रामरतन को रोता हुआ देखकर कृष्णपाल समेत अन्य बीजेपी नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की और चुप कराया।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि रत्तन होडल क्षेत्र से बीता विस चुनाव लड़ा था। हालांकि, सीएम के हवाले से इस मसले पर कहा गया, “भाजपा विधायक को वहां इसलिए नहीं बोलने दिया गया, क्योंकि सांसद और उनके खुद के बोलने का कोई भी मतलब नहीं होता है। वक्त भी कम था, लिहाजा बोलने का मौका नहीं दिया जा सका। बहरहाल, उन्हें इस मामले को लेकर समझा-बुझा दिया गया है।

सीएम ने इस रैली में कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े चार साल में रिकॉर्ड तोड़ विकास कार्य कराए हैं। ऐसे में उन्हीं के नाम पर जनता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट देगी। वह यह भी बोले- पहले सूबे में नौकरियों की बोली लगती थी। पर अब मेरिट और योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाती है।

देखे ये विडियो 

video sources TOI

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