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Friday,19 January 2018
    राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव कल से कर्नाटक में

    राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव कल से कर्नाटक में

    संस्कृति मंत्रालय ‘ एक भारत श्रेष्ठ भारत ’ की अवधारणा के तहत देश की विविधता में एकता की भावना के प्रसार के लिए कल से कर्नाटक में 7 वें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन कर रहा है।

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    पर्यटक ग्लास हाउस से निहारेंगे रमणीय तीरथगढ़ जलप्रपात का नजारा

    पर्यटक ग्लास हाउस से निहारेंगे रमणीय तीरथगढ़ जलप्रपात का नजारा

    बस्तर के नियाग्रा जल प्रपात कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात में पर्यटकों के लिए कई योजनाएं तैयार की गई हैं| साथ ही मोटल सहित अन्य संसाधन जुटाकर पर्यटकों को यहां आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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    आध्यात्मिक माहौल में नए साल का स्वागत करना चाहते हैं, तो भोजपुर है बेस्ट ऑप्शन

    आध्यात्मिक माहौल में नए साल का स्वागत करना चाहते हैं, तो भोजपुर है बेस्ट ऑप्शन

    आज हम आपको लेकर चलते हैं, भोजपुर। भगवान शिव की इस नगरी का इतिहास जानकर, भगवान शिव के इस मंदिर की महिमा आपको इतना आकर्षित करेगी कि आप यहां जाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।

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    विश्व पर्यटन के नक्शे पर कुशीनगर की गुप्तकालीन सूर्य प्रतिमा

    विश्व पर्यटन के नक्शे पर कुशीनगर की गुप्तकालीन सूर्य प्रतिमा

    अभी तक ऐतिहासिक महत्व का यह स्थल उपेक्षित था। सूर्य मंदिर में गुप्तकालीन नील मणि पत्थर की निर्मित सूर्य की प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा खुदाई में मिली थी। अंतर्राष्ट्रीय मूर्ति तस्कर एक बार बर्ष 1998 में प्रतिमा की चोरी भी कर चुके हैं। काफी कवायद हुई तो दो बर्ष बाद प्रतिमा बिहार के एक स्थान से बरामद हो पाई।

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    विंटर वेकेशन को रोमांच से भर देगा मध्यप्रदेश का यह टूरिज्म स्पॉट...

    विंटर वेकेशन को रोमांच से भर देगा मध्यप्रदेश का यह टूरिज्म स्पॉट...

    अगर क्रिसमस या नए साल का जश्न आप ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यादों के साथ संजोना चाहते हैं, तो यह एक बेस्ट पिकनिक स्पॉट हैं...तो आईए चलते हैं सांची...।

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    राजस्थान मनाएगा ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’, तिजारा फोर्ट पैलेस में

    राजस्थान मनाएगा ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’, तिजारा फोर्ट पैलेस में

    फिलहाल जिन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है उनमें भारतीय शास्त्रीय बांसुरीवादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और ग्रैमी विजेता हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत वादक विश्व मोहन भट्ट, प्रेम जोशुआ एंड बैंड के कलाकार और आदित्य प्रकाश एन्सेम्बल, चेन्नई के वायलिन वादक, गायक कार्तिक अय्यर प्रमुख हैं।

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    उत्तराखंड का मिनी स्विट्ज़रलैंड

    उत्तराखंड का मिनी स्विट्ज़रलैंड

    रानीखेत उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले के अंतर्गत एक पहाड़ी पर्यटन स्थल है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक एक लघु हिल स्टेशन है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 85 किमी. की दूरी पर स्थित यह अच्छी पक्की सड़क से जुड़ा है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं।

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    सर्दियों में सैर

    सर्दियों में सैर

    सर्दियाँ शुरू हो चुकीं हैं और जल्द ही दिसंबर का महीना भी आरम्भ होने वाला, दिसंबर शुरू होते ही क्रिसमस, नए साल और जाड़े की छुट्टियों की खुमारी शुरू होने लगती है| गर्मी की छुट्टियों के बाद यह साल का वह समय होता है जब हम लम्बे टूर्स को बिना किसी रोक-टोक प्लान कर सकते हैं|

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    नए साल पर लें सनबर्न संग गोवा का मज़ा

    नए साल पर लें सनबर्न संग गोवा का मज़ा

    भारत का सबसे बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक फेस्टिवल ''सनबर्न'', यूँ तो हर साल गोवा में आयोजित होता था परन्तु इस साल से ये पुणे की पहाड़ियों में स्थानांतरित हो गया है| अब इस आयोजन की नए तरीके से ब्रांडिंग कर इसे ''सनबर्न हिल्स'' का नाम दिया गया है| नए साल पर इस संगीत पर्व में सम्मिलित होने के लिए दुनिया भर से लाखों लोग भारत आते हैं|

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    अगर नवंबर में है छुट्टियों का प्लान...

    अगर नवंबर में है छुट्टियों का प्लान...

    भारत में सैर-सपाटे के लिए नवंबर एक बेहतरीन महीना है| यह साल का वो वक़्त होता है जब मानसून के बाद गर्मी समाप्त हो जाती हैं और सर्दियाँ शुरू होने में समय बाकी होता है| इसलिए इस समय बिना अधिक पैकिंग किये आप देश के अन्य कोनों में सफर कर सकते हैं और आनंद उठा सकते हैं|

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    नवंबर में घूमिये अभ्यारण्य

    नवंबर में घूमिये अभ्यारण्य

    मानसून की समाप्ति के साथ ही, नवंबर से भारत के प्रसिद्द वन्य जीव उद्द्यान अपने दरवाज़े पर्यटकों के लिए खोल लेते हैं| इस माह से ठण्ड शुरू हो जाती है और जंगलों में जानवर धूप का मज़ा लेने बहार आते हैं, जिससे उन्हें देखने के पर्यटकों को अनेक अवसर प्राप्त हो जाते हैं| आइये जानते है की भारत में कौन से अभ्यारण्य आपको दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों से रूबरू होने का मौका प्रदान करते हैं

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    सांस्कृतिक पर्यटन के मनोरम स्थल

    सांस्कृतिक पर्यटन के मनोरम स्थल

    भारत में सांस्कृतिक पर्यटन के अनेकों प्रसिद्द स्थल हैं, इनमे से एक छत्तीसगढ़ है| इस राज्य में पर्यटकों के लिए प्राचीन और आधुनिक संस्कृति और कला के प्रख्यात स्थान हैं जहाँ पहुंचके आपको भारत की ठोस और गहरी जड़ों की अनुभूति होती है|

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    'बारनवापारा' वन्यजीव अभ्यारण्य, वन प्रेमियों का स्वर्ग

    'बारनवापारा' वन्यजीव अभ्यारण्य, वन प्रेमियों का स्वर्ग

    1976 में संस्थापित इस अभ्यारण्य में 245 वर्ग मीटर का क्षेत्र आता है, जिसमे समतल भाग, पहाड़ी क्षेत्र और प्लेटो तीनों ही प्रकार सम्मिलित हैं| प्रकृति को निकट से देखने के लिए उत्सुक सैलानी जैसे ही इन् सागौन, साखू और बांस के जंगलों में प्रवेश करते हैं, यहाँ की ताज़ा स्वच्छ और सुंगंधित हवा से मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह पाते| इनके अलावा यहाँ सेमल, महुआ, बेर और तेन्दु के पेड़-पौधे भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं|''बारनवापारा'' वन्यजीव अभ्यारण्य, वन प्रेमियों का स्वर्ग

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    भारत में ट्राइबल टूरिज्म के प्रसिद्द स्थल

    भारत में ट्राइबल टूरिज्म के प्रसिद्द स्थल

    भारतीय आदिवासिये और जनजातिये संस्कृति हर प्रकार से अत्यंत धनी है| सम्पूर्ण भारत में आदिवासी, वन्यजातियाँ और जनजातियां व्यापक रूप से उपलबध है इसलिए इनके माध्यम से भारतीय सभ्यता और संस्कृति की गहरी जड़ों को महसूस करने का और उन्हें समझने का अवसर पर्यटकों को प्राप्त होता है|

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    अद्भुत, अनछुआ और अतुल्य है छत्तीसगढ़

    अद्भुत, अनछुआ और अतुल्य है छत्तीसगढ़

    पर्यटन के लिहाज़ से अद्भुत और अनछुए पहलुओं से लैस है छत्तीसगढ़| यहाँ पर्यटकों को प्रकृति के अद्भुत नज़ारे, प्राचीन गुफाएं, क्षेत्रीय जनजातियों और वन्य जीव उद्द्यान का अनूठा संगम देखने को मिल सकता है| पर्यटन के लिए अपने आप में सम्पूर्ण पैकेज है यह राज्य|

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    नवरात्र में करें प्रसिद्द शक्तिपीठों के दर्शन

    नवरात्र में करें प्रसिद्द शक्तिपीठों के दर्शन

    शारदीय नवरात्र आरम्भ हो गए हैं, इनमे भक्त माता की आराधना, ध्यान और भजन कर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते है| हिन्दू धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रों का विशेष महत्व है| माना जाता है की इसमें भक्त न सिर्फ भौतिक मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं बल्कि आध्यात्मिक रूप से सकरात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर परम धाम प्राप्ति के उद्देश्यों को भी प्राप्त कर सकते हैं| भारत में माता के अनेकों शक्ति पीठ हैं, जहाँ दर्शन कर पाप से मुक्ति और मनोकामना प्राप्ति दोनों ही लक्ष्य साढ़े जा सकते हैं|

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    मॉरिशस में ज़रूर देखें यह स्थल

    मॉरिशस में ज़रूर देखें यह स्थल

    समुन्द्र, सफ़ेद रेत और सूर्य का अनूठा संगम लिए सौंदर्य से परिपूर्ण मॉरिशस आपको दुनियाभर के पर्यटन स्थलों विशेषकर की समुद्र तट पर बसे शहरों से भिन्न लगेगा, यहाँ के नज़ारे अविस्मरणीय हैं| यहाँ मात्र घूमना नहीं बल्कि पर्यटकों के लिए अनेकों दिलचस्प क्रीड़ाएं भी उपलब्ध हैं|

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    दुबई घूमने गए हैं तो ज़रूर देखें ये स्थल

    दुबई घूमने गए हैं तो ज़रूर देखें ये स्थल

    चमक-धमक वाला दुबई यूनाइटेड अरब एमिरेट्स का एक विख्यात पर्यटन स्थल है| रेगिस्तान और समुन्दर के बीच ऊँची-ऊँची इमारतों वाला ये शहर आधुनिक वास्तुशिल्प के एक अद्भुत नमूना है जहाँ के शॉपिंग मॉल्स, और होटल्स दुनियाभर के लिए एक मिसाल हैं| पर्यटक यहाँ पसंदीदा चीज़ों की खरीद फरोख्त करते देखे जा सकते हैं| यहाँ स्थित बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे बड़ी इमारतों में से है, जिसके अलावा इनडोर स्कीइंग, आदमकाय मछलीघर, मॉल्स और धार्मिक स्थल भी दर्शनीय हैं|

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    मालदीव्स में देखने योग्य 10 प्रसिद्द स्थल

    मालदीव्स में देखने योग्य 10 प्रसिद्द स्थल

    मालदीव्स अद्वितीय सौंदर्य और प्रकृति के अद्भुत नज़रों से भरा एक द्वीप राष्ट्र है| अपने विस्मयी नज़रों के कारण यह राष्ट्र दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है| समुद्र से घिरा होने के कारण यहाँ का मौसम मैरीटाइम है, और इसी रूखे वातावरण के चलते यहाँ घूमने का उपयुक्त समय दिसंबर से अप्रैल तक का होता है|

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    ईश्वर का द्वीप 'बाली'

    ईश्वर का द्वीप 'बाली'

    इंडोनेशिया के द्वीप समूह में स्थित बाली को उसके सौंदर्य - पहाड़ और पर्वत, दूर तक फैले तटों, रेतीले आकर्षक बीचेस के लिए ईश्वर के द्धीप यानि ''आइलैंड ऑफ गॉड्स'' के नाम से भी जाना जाता है| यह धरती पर स्वर्ग की अनुभूति कराने वाले स्थानों में से एक है| यहाँ आपको विश्व स्तरीय सर्फिंग और डाइविंग, आकर्षक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और शिल्पकला के नमूनों का आनंद उठाने के अवसर प्राप्त होते हैं| अपने सौंदर्य और आकर्षक पर्यटन मूल्य के चलते इसे समय-समय पर पुरस्कृत किया जाता रहा है| यहाँ आपको युवा बैग-पैकर्स से लेकर करोड़पति घुमंतुओं तक सभी मिल जाएंगे|

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    प्रकृति के करीब शिलॉन्ग की सैर

    प्रकृति के करीब शिलॉन्ग की सैर

    प्रकृति के करीब शिलॉन्ग की सैर

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    स्वर्ग से आगे ‘लेह’

    स्वर्ग से आगे ‘लेह’

    स्वर्ग से आगे ‘लेह’... स्वर्ग के आगे का रास्ता कहलाता है लेह, क्योंकि शब्दों का पहाड़ भी खड़ा कर देंगे, तो भी लेह में अलबेली प्रकृति की नयनाभिराम कलाकारी को शब्दों में नहीं समेट सकते। खास बात यह कि केवल नैसर्गिक सुंदरता के पुजारी ही नहीं, बल्कि साइक्लिंग, ट्रैकिंग, मोटर बाइक राईडिंग के इच्छुक विश्व भर के सैलानी लेह आकर अपने शौक को अंजाम देना चाहते हैं।

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : घुश्मेश्वर महादेव

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : घुश्मेश्वर महादेव

    महाराष्ट्र के दौलताबाद के समीप स्थित है घृणेश्वर महादेव मंदिर जिसे घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है| दूर-दूर से लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं| कई बार दिल्ली सल्तनत का दंश झेल तबाह हो चूका यह मंदिर कई बार बना और मौजूदा स्थिति में यह दक्षिण भारतीय शिल्पकला का एक नमूना है|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

    तमिल नाडु के रामनाथ पुरम में स्थित यह मंदिर हिन्दू धार्मिक मान्यताओं में विशेष महत्व रखता है| यह न सिर्फ बक़रह ज्योतिर्लिंगों में से एक बल्कि इसे चार धामों में से एक भी माना गया है| पौराणिक कथाओं के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवन राम ने करी थी| माता सीता की मुक्ति हेतु लंका पर आक्रमण करने से पहले भगवन राम ने भोलेनाथ के आशीर्वाद प्राप्ति हेतु शिवलिंग की स्थापना कर पूजन अर्चन किया|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

    हमारे श्रावण विशेष में आपको हिन्दू मान्यताओं में ख़ास महत्व रखने वाले द्वादश ज्योतिर्लिंग के विषय में जानकारी दे रहे हैं| इनके दर्शन से मनोकामना और मोक्ष दोनों की ही प्राप्ति होती है| इसी कड़ी में आइये आगे जानते हैं नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में :

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

    समस्त द्वादश ज्योतिर्लिंगों में नवे स्थान पर आने वाला बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग झारखण्ड राज्य के संथाल परगना के दुमका नामक जनपद में पड़ता है| इसे देवघर के नाम से भी जाना जाता है| इस मंदिर के प्रांगण में मुख्य ज्योतिर्लिंग के अलावा 21 अन्य मंदिर भी स्थित है|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : त्रियंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : त्रियंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : त्रियंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

    मान्यता है की काशी भोलेनाथ की प्रिय नगरी है और प्रलय काल में शिवशम्भु इस शहर को अपने त्रिशूल पर धारण कर इसकी रक्षा करते हैं| उत्तर प्रदेश के वाराणसी को ही काशी कहते हैं और यहाँ गंगा के तट पर स्थित है बाबा विश्वनाथ का मंदिर|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग श्रावण पर द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष में आइये आज जानते हैं भीमाशंकर के विषय में: महाराष्ट्र के सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित भीमाशंकर एक प्राचीन शिवलिंग है| भारत में प्रख्यात बारह ज्योतिर्लिंगों में से यह एक महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है| पुणे के निकट खेड़ से पचास किलोमीटर दूर गाँव में यह स्थित है| यहाँ भीमा नदी का उद्गम स्थल भी है जिसे पहाड़पुर में चंद्रभागा नाम से प्रचलित है|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : केदारनाथ

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : केदारनाथ

    भारत में शिवभक्तों के लिए द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष स्थान रखते हैं| भोलेनाथ का हर भक्त इनके दर्शन कर प्रभु की कृपा पाना चाहता है| शिव पुराण के अनुसार इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से मोक्ष तो प्राप्त होता ही है साथ ही जीवन में सभी मनोकामनाओं की भी पूर्ती होती है|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

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    पृथ्वी का पहला शिवलिंग है दक्षेश्वर महादेव मंदिर

    पृथ्वी का पहला शिवलिंग है दक्षेश्वर महादेव मंदिर

    भगवान शिव की ससुराल कहे जाने वाली उपनगरी कनखल में भगवान दक्षेश्वर महोदव मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा है। मान्यता है कि दक्षेश्वर महोदव मंदिर में स्थापित शिवलिंग पृथ्वी का सर्वप्रथम शिवलिंग है।

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : महाकालेश्वर

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : महाकालेश्वर

    मध्य प्रदेश के अवन्ति में स्थित है महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग| शिव पुराण और रूद्र संहिता के अनुसार यहाँ पर भोलेनाथ ने वेदप्रिय और उनकी संतानों की रक्षा दूषणा रक्ष से करी थी| वेदप्रिय एक सच्चा ब्राह्मण था जो की वेदों में अत्यंत आस्था रखता था और शिव शंकर का बड़ा भक्त था|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

    आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्री शैलम पर्वत पर स्थित है भोलेनाथ का मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग| मान्यता के अनुसार यहाँ स्थित ज्योतिर्लिंग के दर्शन से भक्तों की सात्विक मनोकामनाओं को भोलेनाथ पूर्ण करते हैं|

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    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : सोमनाथ यात्रा

    द्वादश ज्योतिर्लिंग विशेष : सोमनाथ यात्रा

    श्रवण का महीना चल रहा है| भोलेनाथ की कृपा पाने हेतु भक्तों का शिवालयों में ताँता लगा हुआ है, द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा हिन्दुओं के लिए बहुत महत्व रखती है| हमारे श्रवण विशेष में जानते हैं इन् मोक्ष और मनोकामना दायनी ज्योतिर्लिंगों की यात्रा के विषय में :

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    भारत की प्रसिद्द और प्राचीन गुफाएं

    भारत की प्रसिद्द और प्राचीन गुफाएं

    भारतीय सभ्यता विश्व के प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है| इस देश में इसीलिए कदम कदम पर हमारी प्राचीन सभ्यता के चिन्ह मिलते हैं आइये जानते हैं भारत की प्रसिद्द गुफाओं के बारे में

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    आस्था व विश्वास का अटूट संगम है नाग देवता का मेला

    आस्था व विश्वास का अटूट संगम है नाग देवता का मेला

    भारतीय समाज एक धार्मिक समाज है जिसमें विभिन्न देवी देवताओं की कल्पना की गयी है हिन्दू धर्म में मूर्तिपूजा का अपना एक विशेष महत्व है अगर हम पुरातात्विक साक्ष्यों को आधार बनाकर देखें तो पता चलता है कि सैंधव काल में भी कई प्रकार की पूजा के उल्लेख मिलते हैं जिनमें पषुपति पूजा ,लिंग-योनि पूजा, पशु पूजा, जल-पूजा, वृक्ष-पूजा व नाग-पूजा। अगर पुरातात्विक साक्ष्यों के देखें तो पता चलता है कि सिन्धु सभ्यता के धार्मिक जीवन में नाग पूजा के प्रचलन के संकेत प्राप्त होते हैं।

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    गर्मी में दिलो-दिमाग को ठंडा करने वाले 5 स्थल

    गर्मी में दिलो-दिमाग को ठंडा करने वाले 5 स्थल

    समुद्र तल से 750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इन् फॉल्स को भारत की ''निआग्रा'' के नाम से भी जाना जाता है| बंगलुरु से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह झरना जिसकी सुंदरता से लोभित होकर लोग दूर-दूर से छाले आते हैं| यह जगह छोटी गोल नाँव की सवारी के लिए जानी जाती है|

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    घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए तमिलनाडु बना पसंदीदा स्थान

    घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए तमिलनाडु बना पसंदीदा स्थान

    केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय नें 2016 के दौरान घरेलू और विदेशी दोनों पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि की रिपोर्ट को साझा किया है। रिपोर्ट में बताया गया राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या 2015 कि तुलना में 2016 में 12.68% की वृद्धि दर्ज कि गई।

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    अज़ब-गज़ब जबलपुर

    अज़ब-गज़ब जबलपुर

    जबलपुर में न केवल आप तरह-तरह के ख़ूबसूरत झरनों का आनंद उठा सकते हैं बल्कि राजसी शान-बान के प्रतीक क़िलों और तकनीकी युग की मिसाल बन चुके बांधों की सैर भी कर सकते हैं| अपने आप में ये शहर आपको मनुष्य के इतिहास से लेकर प्रगति तक की पूरी कहानी सुनाता है|

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    शिलॉन्ग - पूर्वोत्तर का स्कॉटलैंड

    शिलॉन्ग - पूर्वोत्तर का स्कॉटलैंड

    समुद्र तल से 1496 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौक़ीन पर्यटकों की पहली पसंद है| इसे पूर्व का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है| खासी की पहाड़ियों पर स्थित इस मनमोहक रंगीन शहर में रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेक्किंग और बोटिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स कराये जाते हैं|

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    ट्रेक्किंग और पक्षी प्रेमियों को प्रिय है याना

    ट्रेक्किंग और पक्षी प्रेमियों को प्रिय है याना

    उत्तर कर्नाटक के सह्याद्रि पर्वतों में स्थित है एक ऐसा पर्यटन स्थल जहाँ की ख़ूबसूरती और ट्रेक्किंग अनुकूल पहाड़ियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं| दुनिया के सबसे घने बायो डाइवर्सिटी स्थलों में से एक के मध्य स्थित ''याना'' प्रकृति की सुंदरता से परिपूर्ण एक छोटा सा क़स्बा है| याना अपने एडवेंचर स्पोर्ट्स, वनजीवन और धार्मिक स्थलों के लिए पर्यटकों खासा मशहूर है|

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    प्रकृति के बहुत करीब है 'वायानाड'

    प्रकृति के बहुत करीब है 'वायानाड'

    इस प्राकृतिक प्रेम की अनुभूति वायानाड को रोमांटिक हॉलीडेज बिताने के लिए एक विशेष स्थान बनाती है| यहाँ सबकुछ इतना रमणीय लगता है की आपका मन-मस्तिष्क स्पंदित हो जाता है|

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    यादगार छुट्टियों मनाने आएं डलहौज़ी

    यादगार छुट्टियों मनाने आएं डलहौज़ी

    पहाड़ों के राजा हिमांचल प्रदेश की मनमोहक वादियों में एक ऐसा मनोरम शहर बसा है जिसे भारत का मिनी स्विट्ज़रलैंड कहना गलत नहीं होगा| कांगड़ा से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डलहौज़ी की शीतल मंद और महकती हवाएं और यहाँ के नज़ारे आपका मन मोह लेंगे|

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    बार-बार बुलाता है 'कौसानी'

    बार-बार बुलाता है 'कौसानी'

    उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ''कौसानी'' भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से दूर प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य से अपने मेहमानों का सत्कार करता है| यह स्थान कला, लेखन और संगीत की दुनिया से जुड़े लोगों के पसंदीदा स्थलों में से एक है| त्रिशूल, नन्दा देवी और पंचाचूली पर्वतों को यहाँ से करीब से देखा जा सकता है| बर्फ से ढकी हिमालय की पर्वत श्रृंखला का दृश्य अत्यंत कमनीय हो उठता है जब सूर्य की किरणें पड़ने पर यह स्वर्ण की भाँती दमकती हैं|

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    चमत्कारी है ये नाग देवता मंदिर

    चमत्कारी है ये नाग देवता मंदिर

    नगर से पांच किलोमीटर की दूरी पर मजीठा गांव के नाग मंदिर में नाग देवता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, नाग देवता के दर्शन करने के लिए कई जिलों से लोग मजीठा आते हैं, ऐसी मान्‍यता है कि नागपंचमी के दिन इस मंदिर में जो भी श्रद्धा भक्ति से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद पूरी होती है, साथ ही जो लोग सांपो से परेशान हैं या जिन्‍हें सांपों से डर लगता है वेे यहां दर्शन करके अपनी समस्‍याओं को दूर कर लेते हैं

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    सैर करें उन देशों की, जहां भारतीय मुद्रा है बड़ी

    सैर करें उन देशों की, जहां भारतीय मुद्रा है बड़ी

    अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं से संबंधित सर्च इंजन स्काई स्कैनर ने आपके बजट में आ सकने वाले देशों को सूचीबद्ध किया है। यह सूची दुनियाभर के पांच करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं के खोज के विवरण और पैसों की कीमत से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है:

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    नवरात्र में करें माता वैष्णो की यात्रा

    नवरात्र में करें माता वैष्णो की यात्रा

    वैष्णो देवी मंदिर शक्ति को समर्पित एक पवित्रतम हिंदू मंदिर है, जो भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है। हिंदू धर्म में वैष्णो देवी , जिन्हें माता रानी और वैष्णवी के रूप में भी जाना जाता हैं, देवी मां का अवतार हैं। मंदिर, जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है| यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है|

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    जानें नवविवाहितों के लिए टॉप 5 पर्यटन स्थल

    जानें नवविवाहितों के लिए टॉप 5 पर्यटन स्थल

    विवाह के मौसम के समापन के बाद अब हनीमून का समय शुरू हो चुका है| नवविवाहित जोड़ों को एक दूजे संग सुकून के कुछ पल बिताने के लिए भारत मैं कई ऐसे आकर्षक पर्यटन स्थल मौजूद हैं| शादी के बाद यहाँ हनीमून बिता कर प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ़ विवाहित युगल उठा सकते हैं| आइये जानते हैं भारत के प्रमुख पांच हनीमून डेस्टिनेशन

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    ब्रिज में लीजिये होली का आनंद

    ब्रिज में लीजिये होली का आनंद

    रंगों का त्यौहार होली भारत में पिछले कई सालों से मनाया जा रहा है, मात्र हिन्दू धर्म में ही नहीं दक्षिण एशिया के विभिन्न कम्युनिटीज में इसे पूरे हुड़दंग और हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जाता है| इस वर्ष होली 13 मार्च 2017 को सम्पूर्ण विश्व में मनाई जाएँगी, 12 की रात्रि में होलिका दहन के बाद| होली का अवसर छुट्टियां मनाने के लिए एक अत्यंत मजेदार मौका साबित हो सकता है| ब्रज में मनाई जाने वाली होली के ख़ास मायने हैं| ब्रज एक इतिहासिक क्षेत्र है जिसमे मथुरा, वृंदावन और आसपास के भूभाग आते है| यहाँ की विशेष परम्परा और संस्कृति के कारण होली पर यहाँ दुनिया भर के पर्यटक खिंचे चले आते हैं|

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    इन् ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से सफल होंगे मनोरथ

    इन् ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से सफल होंगे मनोरथ

    भगवन शिव के भक्तों का महापर्व महाशिवरात्रि 24 फरवरी को मनाया जाएगा| आईये जाने इस पर्व पर भारत में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों के बारे में जिनके दर्शन मात्र से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मनोकामनाओं की सिद्धि होती है|

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    जानिए कैसी होती है कैलाश मानसरोवर की यात्रा

    जानिए कैसी होती है कैलाश मानसरोवर की यात्रा

    पहले दिन दिल्ली में औपचारिकताओं और स्वास्थ जांच के बाद आपको काठमांडू लाया जाता है| यहाँ पशुपतिनाथ जी के दर्शन के बाद अगले दिन आगे की यात्रा प्रारम्भ करने का रिवाज़ है| यात्रा के दूसरे दिन सुबह-सुबह काठमांडू से निकालकर यात्री जत्था नेपाल-चीन सीमा पर रुकता है| सीमा स्थित फ्रेंडशिप ब्रिज पर यात्रियों को कस्टम क्लीयरेंस करानी होती है| इसके बाद यात्रा आगे बढ़ती है और पहला पड़ाव होता है तिब्बत स्थित नायलम| यह समुद्र तल से 3700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है| यहाँ पहुंचकर यात्री अक्सर एक दिन का विश्राम लेते हैं जिससे शरीर इतनी उचाई के वातावरण के अनुकूल ढलता है|

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    कैलाश यात्रा के रजिस्ट्रेशन आरंभ, जानें ये ख़ास बातें

    कैलाश यात्रा के रजिस्ट्रेशन आरंभ, जानें ये ख़ास बातें

    वर्ष 2017 के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा के रजिस्ट्रेशन बुधवार से शुरू हो गए हैं और यह 15 मार्च तक चलेंगे| इस यात्रा 12 जून से 8 सितम्बर तक चलेगी और इसकी अनुमानित लागत, साधारण मार्ग से, एक लाख साठ हज़ार प्रति व्यक्ति होगी| तीर्थ यात्री सिक्किम के नाथू ला पास होते हुए भी यह यात्रा कर सकेंगे, परंतु उस मार्ग से लागत तकरीबन दो लाख रुपये प्रति व्यक्ति होगी| ख़ास बात यह है की 18 से 70 वर्ष की आयु वाले व्यक्ति ही इस यात्रा में सम्मिलित हो पाएंगे| विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा के लिए योग्य आवेदकों की आयु एक जनवरी, 2017 को कम से कम 18 साल और 70 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया जा सकता है।

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    आंध्र प्रदेश के बासर में करें सरस्वती दर्शन

    आंध्र प्रदेश के बासर में करें सरस्वती दर्शन

    आंध्र प्रदेश के आदिलाबाद जिले की मुधोल विधानसभा क्षेत्र का एक छोटा सा गाँव बासर है, जिसकी आबादी लगभग पॉँच हजार है। बासर गाँव से लगकर दक्षिण की गंगा कही जाने वाली नदी गोदावरी बहतीं है। गोदावरी के तट पर ही स्थित है विद्या की देवी माँ सरस्वती का विशाल मंदिर। कहते है कि महाभारत के रचयिता महाऋषि वेद व्यास जब मानसिक उलझनों से ग्रस्त हो गए वे शांति के लिए तीर्थों कि यात्रा पर निकल पड़े। अपने मुनि वृन्दों सहित उत्तर भारत की तीर्थ यात्राएं कर दंडकारण्‍य (बासर का प्राचीन नाम) पहुंचे। गोदावरी नदी के तट का सोंदर्य देख कर वे कुछ समय के लिए वहीं पर रुक गए।

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    फरवरी में यात्रा के बेहतरीन स्थल

    फरवरी में यात्रा के बेहतरीन स्थल

    फरवरी साल का वो महीना जिसमे न गर्मी ही होती है न ज्यादा सर्दी पड़ रही होती है, और यदि इस महीने में लंबे वीकेंड मिल जाए तो घुमंतू मन इसका लाभ उठाने से पीछे नहीं हटता| अगर आप फरवरी की छुट्टी में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो देश में कई आकर्षक स्पॉट उपलब्ध हैं| हमारे सुझाव अनुसार निम्न पर्यटन स्थल फरवरी की छुट्टी के लिए अतिउपयुक्त रहेंगे

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    अगर शौक है एडवेंचर स्पोर्ट्स का तो यहाँ मनाएं छुट्टी

    अगर शौक है एडवेंचर स्पोर्ट्स का तो यहाँ मनाएं छुट्टी

    पर्यटक दूर-दूर से कुश्ती, कलारिपयात्तु, जलीकट्टू जैसे खेलों का मजा लेने के लिए आते हैं| हालांकि अभी देश में विदेशों की भाँती बन्जी जम्पिंग, स्कूबा डाइविंग, बैलूनिंग और पैरा-ग्लाइडिंग सरीखे खेल काफी नए है, और इनको सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के प्रयास हो रहे हैं, कई पर्यटन स्थल ऐसे हैं जो की टूरिस्ट को इन साहसिक खेलों का लुत्फ़ उठाने का मौका देते हैं|

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    भारत में दर्शनीय पांच रहस्यमयी मंदिर

    भारत में दर्शनीय पांच रहस्यमयी मंदिर

    भारतीय सभ्यता विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है| सम्पूर्ण विश्व में भारत के रोमांचित कर देने वाले पर्यटन और तीर्थ स्थलों की चर्चा रहती है| न सिर्फ भारत के निवासी बल्कि पूरी दुनिया से लोग यहाँ के विशिष्ट पर्यटन स्थलों पर घूमने आते हैं| आज हम आपको भारत में स्थित कुछ रहस्यमयी मंदिरों के बारे में बताएँगे, जहाँ आने पर भक्ति और आस्था ही नहीं पौराणिक कथाओं के यथार्थ होने की अनुभूति होती है|

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    आध्यात्मिक रहस्यों एवं ऊर्जा से परिपूर्ण क्षेत्र है चित्रकूट का टाठी घाट

    आध्यात्मिक रहस्यों एवं ऊर्जा से परिपूर्ण क्षेत्र है चित्रकूट का टाठी घाट

    चौरासी कोस का चित्रकूट परिक्षेत्र आज भी अपने अन्दर ऐसे-ऐसे आध्यात्मिक रहस्य समाहित किए हुए है, जिसे देखकर कोई भी दांतों तले उंगलिया दबा ले। तपोभूमि के ऐसे ही रहस्यों एवं ऊर्जा से भरा क्षेत्र है टाठी घाट।

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    भारत के पांच मुख्य पर्यटन स्थल, एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए

    भारत के पांच मुख्य पर्यटन स्थल, एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए

    भारत के पारम्परिक खेल तेज़ी से विश्वपटल पर उभर रहे हैं| पर्यटक दूर-दूर से कुश्ती, कलारिपयात्तु, जलीकट्टू जैसे खेलों का मजा लेने के लिए आते हैं|

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    ये है देश का पहला रेल रेस्टोरेंट, जानिए भोपाल के टॉप ईटिंग स्पॉट्स के बारे में

    ये है देश का पहला रेल रेस्टोरेंट, जानिए भोपाल के टॉप ईटिंग स्पॉट्स के बारे में

    यह देश का पहला रेल रेस्टॉरेंट है। यह श्यामला हिल्स स्थित होटल अशोका लेक व्यू में बनाया गया है। जहां प्लेटफॉर्म या कोच में बैठकर आप शानदार लंच या डिनर का आनंद ले सकते हैं। खास बात यह है कि जब आप यहां बैठकर खाना खा रहे होंगे तो ट्रेन के हॉर्न या प्लेटफॉर्म पर होने वाले एनाउंसमेंट जैसी आवाजें सुनकर आप यह महसूस करेंगे जैसे रेलवे स्टेशन पर ही बैठें हों।

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