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उत्तर प्रदेश

जयंती पर रविदास जन्मस्थली पहुंचे योगी

By Dainik Bhaskar Up | Publish Date: 1/31/2018 9:44:41 PM
जयंती पर रविदास जन्मस्थली पहुंचे योगी

लखनऊ| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संत रविदास की जन्मस्थली पर जाना भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) का दलितों को लुभाने के प्रयास के रुप में देखा जा रहा है।
 
प्रसिद्ध कहावत “मन चंगा तो कठौती में गंगा” कहने वाले संत रविदास की जयन्ती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली वाराणसी में आज श्री योगी गए थे। श्री योगी ने यहां सीरगोवर्धन गांव स्थित चौदहवीं शताब्दी के संत रविदास की जन्मस्थली पर उनके मंदिर जाकर दर्शन-पूजन एवं सत्संग में भाग लिया और लंगर छका।
 
इस अवसर पर देश-विदेश से आये अनुयायियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रविदास जी ने अपनी कर्म साधना एवं ईश्वर भक्ति के माध्यम से दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी तरह पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी संत रविदास की जन्मस्थली पर गये थे। वहां उन्होंने एक-एक चीज को बारीकियों से देखा था।
 
श्री योगी ने कहा कि वह संत रविदास जी के प्रति आस्था एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यहां आये हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने योग को दुनिया में पहचान दिलाकर भारत की महान संत परंपरा को आगे बढ़ाने का ठोस प्रयास किया। 
 
इससे पहले भाजपा ने डा़ भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती 14 अप्रैल को सामाजिक समरसता दिवस के रुप में मनाया था। दलित बस्तियों में खिचडी भोज का आयोजन किया था। दलितों के साथ बैठकर भोजन किया था। भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले से ही दलितों पर डोरे डालने शुरु कर दिये थे। इसीलिए दलितों के आदर्श समझे जाने वाले डा़ अम्बेडकर और संत रविदास को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा़ अम्बेडकर से जुडे पांच स्थानो को पंचतीर्थ के रुप में विकसित करने का एलान किया था। डा़ अम्बेडकर की जन्मस्थली महु (मध्य प्रदेश), लंदन के जिस घर में रहकर पढाई की थी, मुंबई, नागपुर और दिल्ली के निवास स्थल को संग्रहालय के रुप में विकसित करने का एलान किया था।
प्रधानमंत्री ने इन पांचों स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ नाम दिया है। इसके अलावा उन्होंने संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी में उनकी जयंती पर जाकर उनके अनुयायियों को आकर्षित करने का प्रयास किया था। संत रविदास के अनुयायियों की संख्या लाखों में है।
डा़ अम्बेडकर और संत रविदास के साथ ही दलितों के एक और आदर्श कांशीराम के आम समर्थकों में भी भाजपा ने विश्वास पैदा करने की कोशिश शुरु की है। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समाराेह लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में गत 19 मार्च को कराना, इसी काेशिश से जोड़कर देखा गया।
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