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भाजपा विकास करने वाली नहीं झूठ परोसने वाली पार्टी : अखिलेश

By Dainik Bhaskar Up | Publish Date: 12/3/2017 6:12:13 PM
भाजपा विकास करने वाली नहीं झूठ परोसने वाली पार्टी : अखिलेश

एटा, (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निकाय चुनावों परिणामों को भाजपा द्वारा अपनी विजय कहे जाने पर बड़ा हमला बोला है। अखिलेश का कहना है कि भाजपा निकाय चुनावों में मेयरों की 16 में से 14 सीटें जीतने का तो प्रचार कर रही है लेकिन नगर पालिका व नगर पंचायत चुनावों की पराजय की चर्चा नहीं करती। नगर निगम चुनावों में भाजपा की जीत का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने वाले अखिलेश के अनुसार पालिका व पंचायत चुनावों में पहले स्थान पर निर्दलीय, दूसरे पर भाजपा व तीसरे पर सपा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश रविवार को एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षजुगेन्द्र सिंह यादव की बेटी के विवाह कार्यक्रम में आये थे। अखिलेश का कहना था कि ऐसा क्या है कि जहां-जहां ईवीएम से चुनाव होता है, भाजपा जीती, जहां-जहां बैलेट से चुनाव हुए वहां भाजपा की हार हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा जो सोचती है, ईवीएम वही परिणाम देती है। इस बार तो वोटर लिस्ट ने भी कमाल कर दिया और कई मंत्रियों के नाम ही काट दिये। भाजपा सरकार व योगी आदित्यनाथ पर हमलावर अखिलेश के सवाल थे कि पार्टी बताये कि बीते 8 महीने में उन्होंने कितना विकास किया? जिस गौ माता के नाम पर सत्ता में आये थे, उसके वध के कितने स्लाटर बंद कराये? प्रदेश में कितने अपराध कम हुए? प्रदेश की सड़कें कितनी गड्ढामुक्त हुईं? 

भाजपा को झूठ परोसने वाली पार्टी बताते हुए अखिलेश का आह्वान था कि इनके झूठ से जनता को बचना चाहिए। वहीं अपनी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए सपा मुखिया का कहना था कि हमने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे जैसे, लखनऊ मेट्रो जैसे, एटा में ही बिजली उद्योग जैसे तमाम काम किये। भाजपा बताए कि उसकी करीब 4 वर्ष की केन्द्र सरकार व 8 माह पुरानी प्रदेश सरकार ने क्या किया? पत्रकार वार्ता के दौरान अखिलेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी बड़ा हमला बोला। उनका कहना था कि मोदी बात तो विकास की करते हैं पर काम बांटने का करते हैं। 

गुजरात चुनावों की चर्चा करते हुए अखिलेश का आरोप था कि वहां जब भाजपाई विकास की चर्चा में पिछड़ने लगे तो धार्मिकता को आगे बढ़ा दिया। अपने कृष्ण प्रेम के विषय में पूछे जाने पर अखिलेश का प्रति प्रश्न था कि भाजपा वाले जब राम की बात करते हैं तो उनसे कोई नहीं पूछता। राम हों या कृष्ण दोनों विष्णु के अवतार हैं, हमारे थे हमारे हैं। लेकिन हम भाजपा की तरह इसका प्रचार नहीं किया करते।

अखिलेश से पूछा गया कि उनके इतने विकास के बावजूद सपा हारी तो इस हार के कारण क्या रहे? तो उनका कहना था कि भाजपा का झूठ। दूसरे अब विकास के ऊपर जाति व धर्म हैं। समाजवादियों को भी इस पर विचार करना पड़ेगा। एटा के सपा मुस्लिम प्रत्याशी द्वारा सपाइयों पर भितरघात का आरोप लगा पार्टी छोड़ जाने के सवाल पर अखिलेश का जबाव था कि इसकी जांच कराएंगे। पूरी प्रेस कांफ्रेंस में सपा अध्यक्ष की ईवीएम पर अतिरिक्त आक्रामकता रही। उनका कहना था कि भारत से भी अधिक विकसित देशों में भी जब मतदान मत पत्रों से होता है तो भारत में क्या समस्या है। चुनाव आयोग की चुनौती के जबाव में अखिलेश का जबाव था कि पहले आयोग यह तो बताए कि वह खराब ईवीएम को ठीक कैसे करता है। उनका दावा था कि जब खराब मशीन ठीक की जा सकती है तो सही को खराब भी किया जा सकता है। 

2007 के मायावती के चुनाव व 2012 के उनके चुनाव में ईवीएम के चलते मिली विजय के सवाल पर अखिलेश का कहना था कि तब से तकनीकि बहुत कुछ बदल चुकी है। चाचा शिवपाल यादव से अपने सम्बन्धों के बारे में पत्रकारों के सवाल पर अखिलेश का जबाव था कि केवल हमारे परिवार के बारे में क्यों पूछते हो,दूसरे के परिवार के बारे में भी पूछो। हमारी तो कुर्सी चली गयी, सरकार चली गयी। अब काहे की लड़ाई। विवाह समारोह में सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल भी मौजूद थे लेकिन पत्रकारों से बातचीत के समय वे कहीं भी दिखाई न दिये।

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