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डरबन के रिकार्ड पर नहीं सीरीज़ जीतने पर नज़र: राेहित

By Dainik Bhaskar Up | Publish Date: 1/30/2018 9:55:38 PM
डरबन के रिकार्ड पर नहीं सीरीज़ जीतने पर नज़र: राेहित

डरबन| भारत के एकदिवसीय उपकप्तान और शीर्ष बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने मंगलवार को कहा कि टीम इंडिया की नज़र डरबन में मेज़बान के खिलाफ टीम इंडिया के खराब रिकार्ड पर नहीं बल्कि एक फरवरी से शुरू हो रही छह मैचों की वनडे सीरीज़ जीतने पर है।
 
एकदिवसीय क्रिकेट में तीन दोहरे शतकों का विश्व रिकार्ड अपने नाम रखने वाले रोहित ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा“ हम सीरीज़ जीतने के लिये पूरी तरह तैयार हैं। हम काफी लंबे अर्से बाद छह मैचों की सीरीज़ खेल रहे हैं। हम एक बार में एक मैच को लेकर ही आगे बढ़ेंगे और एक साथ पूरी सीरीज़ के बारे में नहीं सोचेंगे।”
 
भारत ने अंंतिम बार छह मैचों से ज्यादा की सीरीज़ 2013-14 में खेली थी और अपनी जमीन पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ सात मैचों की सीरीज़ 3-2 से जीती थी।
 
किसी तरह के दबाव के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा“ एक टीम के रूप में हमने दबाव को सहना सीख लिया है और अब यह खिलाड़ियों पर निर्भर है कि वे व्यक्तिगत तौर पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। हर खिलाड़ी की अपनी भूमिका है और उसे अपनी भूमिका का निर्वाह करना है।” 
 
डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अब तक कोई वनडे नहीं जीते जाने के रिकार्ड के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा“ मुझे याद नहीं कि इस मैदान पर भारत ने अपना पहला मैच कब खेला था। लेकिन पिछले कई दशकों में पीढ़ियां बदल चुकी हैं और खिलाड़ी भी बदल चुके हैं।”
रोहित ने साथ ही कहा“हम यहां पिछली बार और इससे पहले भी मैच हार चुके हैं लेकिन इस बार हमारे पास मौका है और मुझे लगता है कि हम जीत सकते हैं क्योंकि यह टीम अलग है और लगातार जीत रही है।”
इस सीरीज को 2019 के विश्वकप से जोड़े जाने को लेकर रोहित ने कहा“ कहीं न कहीं विश्वकप हमारे दिमाग में रहेगा क्योंकि अगला विश्वकप विदेशी परिस्थितियों में खेला जाना है। लेकिन अभी विश्वकप काफी दूर है और हम उसके बारे में ज्यादा नहीं सोचेंगे।”
रोहित ने कहा“ चैंपियंस ट्राफी के बाद से मैं भी लगातार अच्छा खेला हूं और हमारी टीम भी लगातार अच्छा खेली है। हमें एक बार फिर विदेशी परिस्थितियों में दिखाना है कि हम अच्छा करने का दमखम रखते हैं। गेंदबाजों ने टेस्ट सीरीज़ में बेहतरीन खेल दिखाया था और अब बल्लेबाजों को भी एक इकाई के रूप में खेलना है।”
 
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