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कम्बल से भाजपा में घमासान

By Dainik Bhaskar Up | Publish Date: 1/13/2018 9:26:37 PM
कम्बल से भाजपा में घमासान

 भाजपा सांसद व विधायक के बीच कंबल वितरण समारोह में हुई जूतमपैजार, जमकर चले लात-घूंसे

-सांसद व विधायक समर्थकों ने तोड़ी कुर्सियां, चोटहिल हुए कंबल लेने आए लाभार्थी
-मौके पर पहुंचे डीएम व एसपी, शाम तक होता रहा सुलह समझौता
भास्कर समाचार सेवा
महोली-सीतापुर। महोली के सभागार में आयोजित कंबल वितरण समारोह आज उस वक्त दंगल में बदल गया जब कार्यक्रम में उपजे विवाद में धौरहरा सांसद व महोली विधायक के बीच जूतमपैजार होने लगी। सांसद व विधायक के बीच शुरू हुई इस जंग ने समर्थकों के बीच युद्ध शुरू करा दिया। सांसद समर्थकों ने विधायक के पीआरओ को उठाकर बेंच पर पटक दिया और जमकर लात-घूंसों से पीटा। 
 
विधायक के समर्थकों ने जब बचाने की कोशिश की तो उन पर कुर्सियों से प्रहार कर दिया गया। सांसद-विधायक के बीच हुए इस दंगल में कंबल लेने आए लाभार्थी भी चोटहिल हुए है। घटना की सूचना पाकर मौके पर डीएम व एसपी भी पहुंचे। जहां बंद कमरे में घंटों समझौता का दौर चलता रहा। 
 
मौका था कंबल वितरण समारोह का। तहसील के सभागार में कार्यक्रम में धौरहरा सांसद रेखा वर्मा तथा एसडीएम बृजलाल कंबल का वितरण करा रहे थे। जानकारी के मुताबिक इसी दौरान कार्यक्रम में महोली विधायक शशांक त्रिवेदी भी जा पहुंचे। बताया जाता है कि कार्यक्रम में मेज स्थल के पास में रेखा वर्मा का पुत्र अनिकेश वर्मा भी खड़ा था। जिसे विधायक के गनर ने हट जाने का कहा। बस यही से मामला बिगड़ गया। दोनों के बीच विवाद होने लगा। 
 
बताया जाता है कि इसी दौरान गनर ने सांसद पुत्र को थप्पड़ मार दिया। बस यहीं से बवाल शुरू हो गया। इसी दौरान सांसद रेखा वर्मा भी मेज से उठकर बाहर निकल आई और फिर दोनों पक्षों में तू-तू मे-मे शुरू हो गई। मामला इतना बिगड़ा दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट रूप् से दिख रहा है कि सांसद ने चप्पल निकाल कर विधायक के पीआरओ सौरव मिश्रा को मारी। इसके बाद सांसद समर्थकों ने सौरभ मिश्रा को उठाकर बेंच पर पटक दिया और लात घंसों से जमकर पिटाई की। इस दौरान उसे बचाने दौडे विधायकों समर्थकों पर सांसद समर्थकों ने कुर्सियों संे प्रहार कर दिया। जिससे विधायक समर्थकों के साथ साथ इस मारपीट में कंबल लेने आए लाभार्थी भी चोटहिल हो गए। 
 
घटना के बाद सांसद एसडीएम के कक्ष में चली गई। इसके थोड़ी देर बाद विधायक भी उसी कक्ष में चले गए। दोपहर से शुरू हुई इस घटना में समझौता कराने के लिए भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय गुप्त, अचिन मेहरोत्रा तथा डीएम डा. सारिका मोहन एवं एसपी आनंद कुलकर्णी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर जा पहुंचे और सभी एसडीएम के कमरे में बंद हो गए। जिसमें करीब एक घंटा तक वार्ता चली। इसके बाद अंदर से निकले सभी लोगों से जब पूछा गया तो विधायक ने कहा कि कोई मारपीट नहीं हुई हैं और कंबल वितरण की रणनीति बन रही थी। जबकि सांसद ने कोई जबाब नहीं दिया।   
 
 
भाजपा की खूब हो रही थू-थू
जिले में भाजपा की खूब थू-थू हो रही है। आज की इस घटना से विपक्षियों ने जमकर हंसी उड़ाई। लोगों ने कहा कि क्या योगी के यही सरकार है जो भाजपा के विधायक और सांसद आपस में ही लड़ रहे है। अभी तो पूरे चार साल बाकी है आगे क्या होगा। जगहंसाई की यह घटना जिले में पहली नहीं है। इससे पूर्व भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है जिनसे भाजपा के दामन पर खूब कीचड़ उछला है। जैसे दो दिन पूर्व आई कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने जिस तरह से 75 किलोमीटर दूर से आए बाढ़ पीड़ितों को लखनऊ बुलाकर शिकायत करने तथा मीडिया पर भडास निकालने जैसी हरकत की थी वह किसी जगहसाई से कम नहीं थी। इससे पूर्व इन्हीं रीता जी के सामने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में नगर विधायक द्वारा जिस तरह से डीएम को अपमानित किए जाने की बात की गई थी वह किसी जगहंसाई से क्या कम है? वहीं निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर जिस तरह से मनमानी की गई उससे तो भाजपा के दामन पर जमकर कीचड़ उछला था। यही नहीं नगर विधायक ने गल्ला मंडी चैकी पर जिस तरह से आधी रात तक बबाल काटा था उससे क्या भाजपा की नाक ऊंची हुई थी।       
 
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