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मोदी की दिलचस्पी से बढ़ा डीरेका का उत्पादन, नहीं होगी छटनी:सिन्हा

By Dainik Bhaskar Up | Publish Date: 1/12/2018 7:54:52 PM
मोदी की दिलचस्पी से बढ़ा डीरेका का उत्पादन, नहीं होगी छटनी:सिन्हा

वाराणसी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल इंजन रेल कारखाना (डीरेका) के विस्तारीकरण की लगभग 300 करोड़ रुपये की योजनाओं के “शिलान्यास एवं उद्घाटन” की याद दिलाते हुए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज यहां के कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी की छटनी नहीं की जाएगी।
 
डीरेका परिसर में आज 6000 अश्व शक्ति विद्युत रेल इंजन “डब्ल्यूएपी-7” राष्ट्र को समर्पित करने बाद संवाददाताओं के एक सवाल पर उन्होंने कहा, “श्री मोदी की विशेष दिलचस्पी के कारण डीरेका की उत्पदन पहले से क्षमता बढ़ी है। यहां के एक भी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा।”
 
प्रधानमंत्री ने डीरेका के प्रति खास दिलचस्पी दिखाई और विस्तारीकरण योजनाओं का शिलान्यास एवं दो वर्ष से कम समय के अंतराल पर प्रथम चरण उसका उद्घाटन कर दिया, जिससे यहां की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डीजल की बजाय विद्युत रेल इंजन उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है और औसतन प्रति दिन लगभग एक रेल इंजन का उत्पादन हो रहा है। यह बेहद गौरव की बात है।
 
श्री सिन्हा ने डीरेका को काशी की परंपरा के मुताबिक देश का गौरव बढ़ाने वाला उपक्रम बताते हुए कहा कि “डीजल-विद्युत ड्यूल इंजन” के निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया। एक ही इंजन में डीजल और विद्युत के इस्तेमाल हो सकेगा। आने वाले समय में इस नई इंजन के देश को समर्पित किया जाएगा, जिससे रेल की रफ्तार के साथ देश की विकास की गति भी तेज होगी।
 
इस अवसर पर समीक्षा बैठक के दौरान कार्य निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए रेल राज्य मंत्री ने यहां की उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी कुशलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डीरेका ने ग्राहकों की परिवर्तनशील मांगों के अनुरूप अपनी सक्षमताओं को प्रदर्शित करते हुए प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास में अमूल्य योगदान दे रहा है।
 
रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सिन्हा ने आकर्षक रंग संयोजन एवं पुष्पों मालाओं से “दुल्हन की तरह” सुसज्जित विद्युत रेल इंजन ‘डब्ल्यूएपी-7’ को विधिवत पूजा करने के बाद झंडी दिखायी। लोकार्पण के बाद इंजन संख्या- 30622 को दक्षिण रेलवे के राजापुरम (आरपीएम) विद्युत लोको शेड के लिए रवाना कर दिया गया। विद्युत से चलने वाली डीरेका द्वारा निर्मित यह 19वीं इंजन है।
इससे पहले उन्होंने डीरेका की महाप्रबंधक रश्मि गोयल एवं अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ रेल इंजन के ड्राइवर कैब का निरीक्षण किया। रेल इंजन के निरीक्षण के दौरान श्री सिन्हा ने श्रीमती गोयल एवं यहां के प्रमुख मुख्य यांत्रिक अभियंता सुनीत शर्मा से इंजन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी की जानकारी हासिल की। श्रीमती गोयल ने रेल राज्य मंत्री को रेल इंजन उत्पादन एवं गतिविधियों के साथ ही साथ भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।
 
इसके पूर्व श्री सिन्हा को न्यू लोको असेम्बली शॉप में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया। लोकार्पण समारोह में वी.के.श्रीवास्तव, मनोज कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बनने बाद 25 दिसंबर 2014 को अपने संसदीय क्षेत्र के द्वितीय दौरे के दौरान श्री मोदी ने डीरेका की इंजनों की उत्पादन क्षमता 200 से 250 करने के लक्ष्य से विस्तारीकरण की लगभग 300 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और अक्टूबर 2016 में प्रथम चरण उद्घाटन किया था। 300 करोड़ रुपये में 213 करोड़ रुपये से इंजन निर्माण से संबंधित विस्तार पर खर्च किया जा रहा है, जबकि बाकी इससे जुड़ी अन्य जरूरी इंतजामों पर विस्तारीकरण का कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड की देखरेख में चल रहा है।
 
डीरेका के प्रवक्ता के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 315 के निर्धारित लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए में गत दिसम्बर माह तक 240 रेल इंजनों के निर्माण काम पूरा कर लिया गया है। दिसम्बर माह में तीन विद्युत रेल इंजन समेत 19 उच्च अश्व शक्ति एवं तीन एल्को रेल इंजन सहित कुल 25 रेल इंजनों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि दिसम्बर माह तक निर्धारित 226 रेल इंजनों के लक्ष्य के सापेक्ष में 14 रेल इंजनों का अधिक उत्पादन हुआ है ।
 
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